बारिश का मौसम बहुत खूबसूरत होता है। बारिश की बूंदे जब गिरती है तो बहुत प्यारी लगती है। बारिश के मौसम में ठंडी हवा के झोंके यादें लेकर आते है। इस बारिश के मौसम में लोगों को चाय पीना पकोड़े खाना और शायरी पढ़ना बहुत पसंद होता है। आप इस लेख में Barish Shayari ढूंढते हुए आए हो तो आपका इस लेख में स्वागत है। इस लेख में हमने 177 से भी ज्यादा बारिश शायरी लिखी है।
बहुत से लोगों का मूड बारिश के मौसम में रोमांटिक हो जाता है ऐसे लोगों के लिए इस लेख में बारिश शायरी रोमांटिक इन हिंदी भी इस लेख में लिखी है। आप इस लेख में Barish Shayari Love, Barish Shayari 2 line भी पढ़ सकते हो। आपको भी बारिश का मौसम पसंद है तो आपको इस लेख की शायरी जरूर से पसंद आएगी। आप इस लेख की बारिश शायरी को अभी पढ़ना शुरू कर सकते हो। इस लेख की बारिश शायरी पढ़ने के बाद आपको पसंद आती है तो आप अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में भी लगा सकते हो।
Barish Shayari
बारिश की बूंदों में झलकती है खूबसूरत तस्वीर उनकी और
हम उनसे मिलने की चाहत में पूरे ही भीग जाते हैं !!
सुनी निगाहों में जब तुम समाए हो तो
मौसम का हसीन होना लाज़मी है !!

ठंडी हवा के झोंके, बारिश की फुहारें,
कैसे रोकें खुद को, जब यादें पुकारें।
शायद कोई ख्वाहिश रोती रहती है,
मेरे अन्दर बारिश होती रहती है !
ए बादल इतना बरस की नफरतें धुल जायें,
इंसानियत तरस गयी है सच्चे प्यार को पाने के लिये !

सुना है बारिश में दुआ क़बूल होती है,
अगर हो इजाज़त तो तुम्हें मांग लूँ?
उस ने बारिश में भी खिड़की को खोल के देखा नहीं।
भीगने वालो को क्या क्या परेशानी हुई।
वो बारिश ki ही to पहली याद थी ,
जो तुम्हारा कहा मुझे कुछ सुनाने आयी थी।
भीगा रही है बारिशें इश्क़ में मुझे
ये मौसम दुआओं सा
कहीं बदल न जाए !!

हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने,
बारिश की ये बूंदे भी उसे छूने ko करती है बहाने।
बारिश की हर हर एक बूँद में सिर्फ तेरा ही नाम है,
तू साथ नहीं फिर भी यह हर मौसम खास है।
ख्वाबों मे आई थी वो सावन की तरह,
भीग कर जागे तो सिर्फ तन्हा थे हम।
कुछ कहानियाँ भीग जाती हैं बेमौसम बारिश में,
जैसे तेरा नाम हर बारसात में याद आता है।

सुनो ये बादल जब भी बरसता है
मन तुझसे ही मिलने को तरसता है !!
कभी बेपनाह बरस पडी कभी गुम सी है
यह बारिश की बुँदे भी कुछ कुछ तुम सी है !!

बाहर आकर देखिए बारिश का नजारा
हवा है बहुत ठंडी और आज का मौसम भी है प्यारा !!
तमाम रात नहाया था शहर बारिश में
वो रंग उतर ही गए जो तो उतरने वाले थे !!
बारिश से ज्यादा तासीर है तेरी यादों में,
हम अक्सर बंद कमरे मे भी भीग जाते हैं !
Barish shayari in hindi
लगता है खो गया हूं जैसे इस मौसम में,
अब बिन बारिश ही मुझे भीगाए जा रही है !
बरस जा ओ बारिश, Dil के अरमान पूरे कर दे,
दुखों की धूल धो दे, और जीवन में सुखों की बौछार कर दे।
कहीं फिसल न जाऊं मैं तो तेरे ख्यालों में चलते चलते,
अपनी यादों को रोको तुम मेरे शहर में बहुत बारिश हो रही है।
सारे इत्रों की खुशबू आज मन्द पड़ गयी
मिट्टी में बारिश की बूंदे जो चंद पड़ गयी !!
Barish Shayari Love
हवा भी रूक सी जाती है कहने Ko कुछ तराने
बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने !!
सहमी हुई है झोपड़ी बारिश की ख़ौफ़ से
महलों की आरज़ू है ki बरसात तेज़ हो !!
सुहाने मौसम में दिल कहीं भटक जाता है
उस गली में ही फिर से मेरा यह दिल अटक सा जाता है !!
बारिश और मोहब्बत दोनों ही यादगार होते हे
बारिश में तो जिस्म भीगता हे Or मोहब्बत में आँखे !!
मौसम-ए-इश्क़ है तू एक कहानी बन के आ
मेरे रू Ko भिगो दें जो तू Wo पानी बन के आ !!
Barish shayari in hindi text
यह हुस्न ए मौसम ये बारिश ये हवाएं
लगता है मोहोब्बत ने आज किसी का साथ दिया है!
मुझे ऐसा ही ज़िन्दगी का एक पल चाहिए
प्यार से भरी बारिश और मेरे संग तू चाहिए !!

बूंदें कह रही हैं कुछ राज़ पुराने
बारिश में भीगे हैं जज़्बात हमारे|
कोई तो बारिश ऐसी हो किसी दिल जो तेरे साथ बरसे,
तन्हा तो मेरी ऑंखें है हर रोज ही बरसाती हैं !
तुम मेरे पास रहो न
इस बारिश के बंद होने तक…!
भला काग़ज़ की इतनी सारी कश्तियाँ हम तो क्यों बनाते हैं
न वो गलियाँ कहीं हैं और अब न वो बारिश का पानी है!
मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है
कागज़ की हवेली है और यह बारिश का ज़माना है !!
कोई रंग नहीं होता बारिश के पानी में
फिर भी फ़िज़ा को बारिश का पानी रंगीन बना देता है !!

ये बारिश का मौसम और तुम्हारी याद
चलो फिर मिलते हैं हम भी एक कप चाय के साथ !!
खुद भी रोता ही है और मुझे भी रुला ही देता है
ये बारिश का मौसम भी मुझे उसकी याद दिला देता है !!
Barish Shayari 2 Line
यादों में तेरी इतने मेरे आंसुओं के सैलाब बहाये है कि,
सावन की बरसात भी शरमा जाए !
कहीं फिसल न जाओ जरा संभल के चलने का,
मौसम बारिश Ka भी है Or मोहब्बत का भी।
मिट्टी की खुशबू, हवा में घूम जाती है,
बारिश के महक से, आत्मा झूम जाती है।
तेरे प्रेम की बारिश हो,मैं जलमगन हो जाऊं,
तुम घटा बन चली आओ,मैं बादल बन जाऊं।

वो जब भीगते बालों से मुस्कराती है
बारिश भी उसके आगे फीकी सी लगती है|
जब लुत्फ़ का मंजर मैं देखता रहता हूँ बारिश के मौसम में
बदन जलता है और मैं भीगता रहता हूँ बारिश में|
अकेले हो तुम और ये बारिश
ऐसा लगता है खुदा हमें मिलाना चाहता है…!
चाहा था कि भीगें हम भी तेरी बारिश में हम मगर
अपने ही सुलगते हुए ख्वाबों में जले हैं!

किया न करो मुझसे इश्क़ की बाते,
बिन बारिश के ही भीग जाती हैं राते।
बारिश का मौसम मुझे इसीलिए भाता है
अंदर और बाहर का मौसम एक सा हो जाता है !!
सुनो सावन चल रहा है इजाजत हो तो,
भोले से मांग लू मैं तुमको भी अगले जन्म के लिए !
बारिश शायरी रोमांटिक इन हिंदी
हम भी भीगते है जिस तरह से तेरी ही यादों में डूब कर,
इस बारिश में कहाँ वो
कशिश तेरे खयालों जैसी !
दूर तक छाए थे
बादल और कहीं पर भी साया न था
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था !!

पता था मुझे बारिश होंगी,
बादलो को दुख जो सुनाया था मैंने।
ये बारिश तो बस एक बहाना है
खुदा को तुम्हे मुझसे मिलना है…!
मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है
कागज़ की हवेली है बारिश का ज़माना है!
बारिश में तुम्हारा साथ चाहता हूँ मैं,
तुम्हारे हाथों में मैं तो अपना हाथ देना चाहता हूँ मैं।
बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है Kis छत Ko भिगोना है !!
कभी ख़ुशी कभी गम,
कभी विस्की कभी रम,
ये हैं मॉडर्न बारिश की सरगम।
सुना है बारिश मे दुआ कुबूल होती है,
अगर इजाजत हो तो मांग लू तुम्हे !

खुद को इतना भी ना बचाया करो
बारिशे हुआ करे तो भीग जाया करो!
Barish shayari on life
आज आई बारिश तो याद आया वो जमाना,
वो तेरा अपनी छत पे रहना और मेरा तेरे घर के सामने सडको पे नहाना !
कोई इस तरह भी वाकिफ हो मेरी इस जिंदगी से
की मैं बारिश में भी रोऊँ तो वो मेरी आखों से आँसूं पढ़ ले!
तमाम रात नहाया था शहर बारिश में
वो रंग उतर hi गए Jo उतरने वाले थे !!
बरसात की रातों में हैं कहानियों की बहार,
दिल के सवालों Ka है जवाब, बरसा हैं
इन बारिशों में प्यार।
कागज़ की कश्ती लेकर, बचपन याद आ गया,
बारिश के पानी में, Fir से मेरा मन बहल गया।
बाहर आकर देखिए बारिश का नजारा
हवा है ठंडी और आज का यह मौसम भी है बड़ा प्यारा !!
बूंदें कह रही हैं कुछ राज़ पुराने,
बारिश में भीगे हैं जज़्बात हमारे।

काँच की तरह चुभते हैं बारिश के मौसम,
जब कोई अपना साथ छोड़ देता है।
तेरी बातों की नमी है इन हवाओं में,
हर बूँद तेरी मौजूदगी का एहसास दिलाती है।
बोलती हैं बूँदें आज कुछ खास,
लगता है फिर से आई है मेरे जीवन में तेरी यादों की बौछार।
वो बारिश जो की बादलों से टकरा के गिरी थी,
मेरे दिल की दीवारों को भी वो भिगो गई थी।
वो जब भीगते बालों से मुस्कराती है,
बारिश भी उसके आगे फीकी सी लगती है।
सावन की बूँदें जब ज़मीन से मिलती हैं,
तेरी यादें मेरी रूह तक भीग जाती हैं।

सावन की ये बारिश, प्यार बरसाती है,
हर उदासी को दूर, खुशियाँ ले आती है।
बादलों की हलचल ने कुछ यादें जगा दीं,
तेरी हँसी Ki गूँज फिर Se हवा में सजा दी।
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