Best 133+ Maut Shayari in Hindi | मौत शायरी हिन्दी

बहुत से लोगों को मौत शायरी पसंद आती है। मौत शायरी पढ़ना और फिर इस शायरी को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी या व्हाट्सएप स्टेटस में लगाना पसंद होता है। आप भी इस लेख में मौत शायरी पढ़ने के लिए आए हो तो आप इस लेख में ढेर सारी Maut shayari पढ़ सकते हो। कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें अपनी जिंदगी में दर्द मिला है वह अपनी जिंदगी से परेशान है तो वह भी मौत शायरी को पढ़ना पसंद करते है।

मौत शायरी में ज्यादातर सैड शायरी, उदासी शायरी, मूड ऑफ शायरी ही होती है। हमारी टीम ने बहुत ही बढ़िया मौत शायरी लिख कर आपके साथ शेयर करी है। आपको अगर Zindagi Maut Shayari भी पढ़नी है तो आप इस लेख में पढ़ सकते हो। इसी के साथ आपको 2 लाइन शायरी पसंद आती है तो आप इस लेख में Maut shayari 2 line भी पढ़ सकते हो। ये लेख आपके लिए ही लिखा गया है इस लेख को आप अभी पढ़ना शुरू कर सकते हो।

Maut Shayari

तुमसे मोहब्बत करना मेरी खता हो गई
मौत ही मेरी इस जिंदगी की सजा हो गई !

मौत भी टकराया न जाने कितने बार मुझसे,
पर मैं तो तेरा दीवाना था किसी
और पे मैं कैसे मर सकता था।

Maut Shayari in Hindi

मौत तू तो जवाब दे,
लोगों की भीड़ में अकेला हूँ,
कम से कम तू तो Mera हाथ थाम ले।

जिसके झूठ पर ज़िन्दगी काटनी है,
उसके सच पर मौत लूटा दी होती।

जिसमे जिंदगी बहुत लम्बी है wo उम्र मुझे नहीं चाहिए
तुम अगर साथ नहीं मेरे तो वो संसार मुझे नहीं चाहिए !

वो अगर आ ना सके मौत ही आई होती,
हिजर में कोई तो गम-खार हमारा होता.

जिस दिन मेरी खबर पे आएगी तेरी याद,
उस दिन मेरी रूह भी रो देगी बार-बार…

मौत आये तो तुझसे पहले आये,
कहीं तेरी यादों में मर जाऊं मैं!
एक बार तुझे अच्छी तरह देख लूं, फिर आराम से हमेशा के लिए सो जाऊं मैं…

सब तो हँसते ही हैं मेरे हालात पे,
दर्द को मुस्कुराते भी देखा हूँ मैंने।
मौत का इंतजार शायरी

इश्क मुझसे कहता है की मुझे इक बार कर के देख,
तुझे अगर तेरी मौत से न मिलवा दिया तो
मेरा नाम बदल देना !

Maut Shayari in Hindi

मौत एक सच्चाई है उसमे कोई ऐब नहीं,
क्या लेके जाओगे अपने साथ तुम यारों कफन में कोई जेब नही !

सुना है मौत Ek Pal Ki भी
मोहलत नहीं देती,
मैं अचानक मर जाऊ तो मुझे तुम माफ़ कर देना।

Maut shayari 2 line

Maut Shayari in Hindi

आता है कौन कौन तेरे गम को बांटने,
तू एक बार अपनी मौत की अफवाह तो उड़ा के देख !

मौत से क्या डर मिनटों का खेल है,
आफत तो यह जिंदगी है जो की बरसो चला करती है !

Maut Shayari in Hindi

मौत तेरा डर नहीं मुझको,
क्योंकि मारा है जीते जी अपनो ने मुझको।

वादा करके और भी आफ़त में डाला आपने,
ज़िन्दगी तो पहले ही बहुत मुश्किल थी अब मरना भी मुश्किल हो गया।

तेरी ही जुस्तजू में
जी लिया इक जिंदगी मैंने,
गले मुझको लगाकर अब खत्म मेरी साँसों का सफर कर दे !

Maut Shayari in Hindi

छोड़ दिया मुझको आज मेरी मौत ने मुझसे यह कह कर,
हो जाओ जब जिंदा तो खबर कर देना.

यूँ तो हादसों में गुजरी है हमारी ज़िन्दगी,
हादसा ये भी Kam नहीं है Ki हमें मौत न मिली !

 

तमाम उम्र जो हमसे बेरुखी की सबने,
कफन में हम भी अजीजो से मुँह छुपा के चले !

Maut Shayari in Hindi

अपनी मौत भी क्या मौत होगी 💞
एक दिन यूँ ही हम भी मर जायेंगे तुम पर मरते मरते

Maut Shayari in Hindi

कभी-कभी वहां जाने का मन करता है
जहां से फिर कोई वापस नही आता है..!

तमाम गिले-शिकवे भुला कर सोया करो यारो,
सुना है मौत Kisi को Koi मोहलत नहीं देती !

बदनाम ना हो जाए इस लिए जी रहा हूँ मैं,
वरना मरने का इरादा तो मुझे हर रोज ही होता है.

ना जाने मेरी मौत कैसी होगी,
पर ये तो तय है की मेरी मौत तेरी इस बेवफाई से तो बेहतर होगी !

कितना दिल फरेब होगा Wo Meri मौत का मंज़र,
मुझे ठुकराने वाले मेरे लिए आँसू बहायेंगे.

सारे गिले-शिकवे दूर करके सोया करो जनाब,
सुना है मौत मुलाकात के लिए वक़्त नही देती।

कर देना मुझे आप माफ अगर दुखाया हो कभी मेने दिल आपका,
क्या पता कब कफन में मिले ये दोस्त आपका!

Maut shayari on life

मैं मौत की दुआ मांगता हूँ खुदा से ,
क़त्ल तो Mera हर पल मेरे Apne ही करते हैं।

उसकी नजरों के सामने ही Meri मौत हो ऐ खुदा,
और मुझे छूने Ka हक बस सिर्फ उसे Na हो।

मौत का डर तू किसी और को दिखाना ऐ खुदा,
मैं अपनी रचना में Har रोज ek बार मरता हूँ।

कौन सा गुनाह किया तूने ए दिल ना,
जिंदगी जीने देती है और ना मौत आती है !

ज़िंदगी और मौत यह दोनों ही अजीब सी दौड़ हैं,
एक थकाती है, तो दूसरी दौडती है

मौत आए तो आ जाए, डर कैसा इस सफ़र से,
हम तो बहुत थक गए हैं ज़िंदगी के इस जहर से।

मौत आ जाये अब हमे, इस सुलगती जिंदगी से तो बेहतर हैं,
मातम नहीं होता !

कोई नहीं आएगा मेरी ज़िंदगी में तुम्हारे सिवा,
बस एक मौत ही है Jiska मैं वादा नहीं करता

मौत शायरी

ए जिंदगी अब मेरा हिसाब,
मुनासिब कर दे मौत से,
मेरी मुलाकात करा दे !

यू तो हादसे में गुजरी है हमारी ज़िन्दगी
हादसा ये भी कम नही की हमे मौत न मिली

इस दुनियां से एक दिन तो सब को ही फना होना हैं।।
ना चाहते हुए भी जुदा सब को होना हैं।।

मौत से मुलाक़ात कोई भी टाल नहीं सकता,
हर आत्मा को इस दरवाज़े से निकलना ही पड़ता।

मौत की आहट में एक अजीब सी खामोशी है,
ये ज़िंदगी की चिल्लाहट से कहीं ज्यादा सच्ची है।

किस्मत ने हमें ज़िंदगी भर रुलाया है,
मौत ही होगी जो हमें सुकून दिलाएगी।

मौत के साए में जीना कोई आसान नहीं,
पर ये ज़िंदगी भी अब किसी काम की नहीं।

हर दिन एक नया ज़ख्म देती है ज़िंदगी,
मौत आए तो शायद ये दर्द कम हो जाए कभी।

अलविदा मौत शायरी

क्या खूब रिश्ता है इश्क़ और मौत का,
एक को दिल चाहिए और एक को धड़कन।

मौत ही इंसान की दुश्मन नहीं
जिंदगी भी जान लेकर जाएगी

कमाल है न जाने ये कैसा
उनका प्यार का वादा है,
चंद लम्हे की जिंदगी और
नखरे मौत से भी ज्यादा हैं.

वो इतना रोई है मेरी मौत पर मुझे फिर से जगाने के लिए,
मैं मरता ही क्यूँ? अगर वो पहले ही थोड़ा सा रो देती मुझे पाने के लिए.

मौत से डर कैसा, डर तो ज़िंदगी ने दिया,
कदम कदम पर अपनों ने ही रुला दिया।

मौत आए तो आए, डर अब कैसा।
ज़िंदगी ने ही हर कदम पर दिया मुझे खुप पैसा।

अपनी मौत भी क्या मौत होगी,
एक दिन यूँ ही मर जायेंगे तुम पर मरते मरते !

दर्द गूंज रहा दिल में शहनाई की तरह,
जिस्म से मौत Ki Ye सगाई तो नहीं !

मौत तेरा डर नहीं मुझको,
क्योंकि मारा है जीते जी अपनो ने मुझको।

अब मौत से कह दो नाराजगी खत्म कर ले,
वो तो बदल गया है जिसके लिए हम आज भी जिंदा थे.

हम मर भी जाएँ तो किसे फ़र्क पड़ेगा यहाँ,
लोग तो जीते जी अपना बना कर छोड़ देते हैं वहाँ।

जिंदगी और मौत पर शायरी

मौत से डरते हो तो ज़िंदगी को जानो पहले,
ये दोनों बहनें हैं, साथ चलती हैं रोज़ के मेले।

कौन सा गुनाह किया तूने ए दिल ना
जिंदगी जीने देती है और ना मौत आती है !

हमारे प्यार का यूँ इम्तिहान न लो
करके बेरुखी मेरी तुम जान न लो !

मौत आए तो आए, हमें अब डर नहीं लगता,
ज़िंदगी ने जो जख्म दिए, उससे बड़ा कुछ नहीं लगता।

कहते हैं मौत सब दुखों का इलाज है,
काश ये दवा हमें भी थोड़ा जल्दी ही मिल जाए आज।

मौत की सच्चाई को देखो आँखों से,
ज़िंदगी की झूठी खुशी सब धोखा है।

मौत आई तो यह सारी दुनिया कहेगी की चला गया एक इंसान,
पर दिल में रह जाएँगी बस अधूरी सी कुछ पहचान।

उसे हम भी छोड़ दें लेकिन बस
इक छोटी सी उलझन हैं,
सुना है दिल से धड़कन की जुदाई मौत होती है।

मौत की खामोशी में अजीब सा सुकून है,
ज़िंदगी की चीखों में कहाँ ये फ़ितरतन जुनून है।

किसी की यादों में जीना बड़ा मुश्किल हुआ,
मौत भी आए तो शायद कुछ आसानी आए।

अब मौत पर क्या लिखूँ, ये भी मेरी अपनी नहीं,
Zindgi की तरह Shayad ये भी मुझे ठुकरा दे कहीं।

जिदंगी तो बड़ी दर्द देती है साहब,
बस मौत ही है जो सारे दर्दों से छुटकारा दिलाती है।

वादा करके और भी मुश्किल में डाला आपने,
ज़िंदगी तो पहले ही बहुत मुश्किल भी अब मरना
भी मुश्किल हो गया.

ऐ मौत आ कर हमको खामोश तो कर गयी तू
मगर सदियों दिलों के
अंदर हम गूंजते रहेंगे !

मौत का पैग़ाम लेकर हर सांस गुजरती है,
हम जीते तो हैं मगर मौत ही हकीकत रहती है।

मौत से मुलाक़ात का डर अब नहीं लगता,
जबसे लोगों की फितरत को करीब से जाना है।

ज़िंदगी की किताब में आख़िरी पन्ना मौत है,
कहानी पूरी तब होती है जब ये मुलाक़ात है।

जीने की वजह तक नहीं पूछी हमसे सारी उम्र किसी ने,
और मौत के दिन सबने यह पूछा की ये कैसे मरा !

तू बदनाम ना हो इसलिए आज भी जी रहा हूँ मैं,
वरना मरने का इरादा तो मेरा हर रोज होता है !

ढूंढना कभी मुझे मेरी कविता में आकर,
मेरे मरने के बाद भी
मुझे बच्चा ही पाओगे।

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